छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन पर सख्ती, भंडारण और खरीदी व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट

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दुर्ग.

जिले के नंदौरी गांव में बच्चा चोरी के शक में पांच महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग महिलाओं के बाल खींचते और उन्हें लात-घूंसों व लाठियों से पीटते दिख रहे हैं।

यह पूरा मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है। ग्रामीणों के अनुसार, महिलाएं ऑटो से गांव पहुंची थीं। बच्चों के चिल्लाने पर ग्रामीणों को बच्चा चोरी का संदेह हुआ और उन्होंने महिलाओं को पकड़ लिया, जबकि उनके साथ आए दो लोग मौके से फरार हो गए।

वहीं पुरानी भिलाई थाना प्रभारी विजय यादव ने बच्चा चोरी की आशंका को पूरी तरह खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, महिलाएं घरों में घुसकर जबरन पैसे मांग रही थीं, जिससे विवाद भड़का और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पुलिस को सौंपा। पुलिस फिलहाल महिलाओं की पहचान और पते का सत्यापन कर रही है और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।

खैरागढ़ कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में थोक एवं फुटकर मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर पंजीकृत किसानों के रकबे के माध्यम से उपार्जन केंद्रों में खपाने की कोशिशों पर विशेष नजर रखी जाएगी। प्रशासन को बिचौलियों और कोचियों द्वारा धान की खरीदी कर समर्थन मूल्य पर बेचने तथा मिलरों और परिवहनकर्ताओं के माध्यम से धान के पुनर्चक्रण की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।