अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, AI बबल की आशंका के बीच 1.8 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा

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वाशिंगटन
अमेरिकी बाजार में देर रात भारी गिरावट देखने को मिली. अमेरिकी बाजार का प्रमुख इंडेक्‍स S&P 2.06 फीसदी गिर गया. इंटेल के शेयर में 28 फीसदी गिरावट आई. NVIDIA, AMD, DELL और एचपी के शेयरों में भी बड़ी गिरावट रही. इस भारी गिरावट के कारण नैस्‍डेक कंपोजिट इंडेक्‍स 2.86 फीसदी गिरकर बंद हुआ। 

इस भारी गिरावट से दुनियाभर के निवेशक डरे हुए हैं और ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका में एआई बबल फूटने लगा है. वहीं इससे पहले चीनी बाजार में भी पिछले कुछ महीनों से भारी गिरावट देखी जा रही है, जहां AI निवेश वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट जारी है. शंघाई स्टॉक एक्सचेंज के टेक्नोलॉजी इंडेक्स (STAR 50) में चार महीने से भी कम समय में लगभग 40% की गिरावट आई है और करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर साफ हो चुका है। 

चीन में भी एआई और सेमीकंडक्‍टर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है और अभी आगे भी इसमें गिरावट जारी है. यही पैटर्न US स्‍टॉक मार्केट में देखा जा रहा है, जहां सिर्फ एक दिन में 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक साफ हो चुका है। 

अचानक क्‍यों आई ये बड़ी गिरावट? 
Nasdaq Composite में शुक्रवार को 5 जून के बाद फीसदी में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. इसकी वजह इंटेल और एमेजन के खराब तिमाही नतीजे रहे. नतीजे खराब आते ही एआई में भारी निवेश पर रिटर्न की पोल खुल गई, जिस कारण इन शेयरों में तेज मुनाफावसूली हुई. इसे लेकर पहले भी सवाल खड़े होते रहे हैं कि एआई में निवेश से उन्‍हें लाभ कब मिलेगा, क्‍या ये तरीका सही है, AI क्‍या फ्यूचर में प्रॉफिट देगा? इन सभी सवालों का अभी तक जवाब नहीं मिल पाया है। 

आंकड़े भी एआई के फेवर में नहीं आ रहे हैं, जिस कारण इन्‍वेस्‍टर्स निराश हैं और ऐसा कहा जा रहा है कि जल्‍द ही एआई का बुलबुला फट सकता है. इसी सेंटिमेंट की वजह से अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। 

सोमवार को अन्‍य बाजार में क्‍या होगा? 
नैस्डेक कंपोजिट 30 अक्तूबर को 747 अंक गिरकर 25,437 पर बंद हुआ. S&P 500 भी 2.06 फीसदी गिरकर 7,581 पर बंद हुआ. डाओ जेंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.09 फीसदी यानी 572 अंक गिरकर 51,770 पर आ गया. इस गिरावट का असर सोमवार यानी 3 नवंबर को दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिख सकता है. खासकर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आ सकती है, क्योंकि इन बाजारों में तेजी की वजह टेक्नोलॉजी स्टॉक्स रहे है।