DSP कल्पना वर्मा केस में न्यूज पोर्टल मालिक दीपक टंडन गिरफ्तार, उगाही और ब्लैकमेलिंग के आरोप

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बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर की सरकंडा पुलिस ने तथाकथित न्यूज पोर्टल संचालक दीपक टंडन को गिरफ्तार किया है. उसपर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तस्वीरें बदलकर भ्रामक और अपमानजनक खबरें प्रकाशित करने का आरोप है. आरोपी को रजत प्राइम अपार्टमेंट से पकड़ा गया है.

जानकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर को मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया से आपत्तिजनक शीर्षकों के साथ भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं. इन खबरों में AI तकनीक की मदद से तस्वीरों को बदलकर उन्हें गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा था. इससे संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी.

मोबाइल से आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बरामद
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में रायपुर पहुंची. उसे रायपुर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की जांच में न्यूज पोर्टल से संबंधित कई आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं. इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है.

अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) के तहत कार्रवाई की है. पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. मामले में अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

डीएसपी कल्पना वर्मा मामले से जुड़ा था नाम
बता दें कि दीपक टंडन का नाम डीएसपी कल्पना वर्मा केस में जुड़ा था. दीपक टंडन ने दंतेवाड़ा में पदस्थ रहीं डीएसपी कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उसका दावा था कि चार साल तक प्रेम संबंध चला. इस दौरान लगातार पैसों की मांग की गई. वह अब तक करोड़ों रुपये, महंगी गाड़ी और कीमती गहने दे चुका है. टंडन ने डीएसपी के खिलाफ डीजीपी-आईजी से भी शिकायत की थी, जिसमें महादेव सट्टा एप का पैनल चलाने के लिए दबाव बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.

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